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हितलाभ :
मृत्यु हितलाभ :
मृत्यु हितलाभ के रूप में बीमा राशि या पॉलिसीधारक का निधि मूल्य* उपलब्ध होगा, जो भी अधिक हो।
*जोखिम शुरू होने से पहले 12 वर्ष से कम आयु के बीमित व्यक्ति के लिए मृत्यु के मामले में पॉलिसीधारक का निधि मूल्य दिया जाएगा।
परिपक्वता हितलाभ :
बीमित व्यक्ति के संविदा की परिपक्वता तिथि तक जीवित रहने पर, पॉलिसीधारक के निधि मूल्य के बराबर राशि देय होती है।
1. पात्रता की शर्तें और अन्य प्रतिबंध
| क. |
प्रवेश के समय न्यूनतम आयु |
0 वर्ष (पिछले जन्मदिन पर आयु) |
| (ख) |
प्रवेश के समय अधिकतम आयु |
65 वर्ष (निकटतर जन्मदिन पर आयु) |
| ग. |
प्रवेश के समय अधिकतम आयु |
65 वर्ष (निकटतर जन्मदिन पर आयु) |
| घ. |
परिपक्वता पर अधिकतम आयु |
पीपीटी 3 वर्ष के लिए (निकटतर जन्मदिन पर आयु)
एकल प्रीमियम के लिए, पीपीटी 4 या 5 वर्ष के लिए : 75 वर्ष (निकटतर जन्मदिन पर आयु) |
| (L>) |
पॉलिसी की न्यूनतम अवधि |
5 वर्ष |
| च. |
पॉलिसी की अधिकतम अवधि |
20 वर्ष |
| छ. |
न्यूनतम प्रीमियम |
रु. 20,000/- एकमुश्त प्रीमियम के लिए
रु. 10000/- प्र.व. नियमित प्रीमियम के लिए |
| ज. |
मूल प्लान के अंतर्गत बीमा राशि |
नियमित प्रीमियम : वर्षीकृत प्रीमियम का 5 गुणा या वर्षीकृत प्रीमियम को पॉलिसी की अवधि के आधे से गुणा करके, जो भी अधिक हो। एकमुश्त प्रीमियम :
न्यूनतम बीमा राशि : एकमुश्त प्रीमियम का 1.25 गुणा।
अधिकतम बीमा राशि :
यदि गंभीर बीमारी हितलाभ राइडर का विकल्प दिया गया हो :
यदि परिपक्वता पर आयु 55 वर्ष तक हो तो एकमुश्त प्रीमियम का 5 गुणा।
यदि परिपक्वता पर आयु 55 से 60 वर्ष हो तो एकमुश्त प्रीमियम का 3 गुणा।
यदि गंभीर बीमारी हितलाभ राइडर का विकल्प न दिया गया हो :
यदि परिपक्वता पर आयु 65 वर्ष तक हो तो एकमुश्त प्रीमियम का 5 गुणा।
यदि परिपक्वता पर आयु 66 से 70 वर्ष हो तो एकमुश्त प्रीमियम का 3 गुणा।
यदि परिपक्वता पर आयु 71 वर्ष या अधिक हो तो एकमुश्त प्रीमियम का 2.5 गुणा। |
| यदि न्यूनतम बीमा राशि रु. 5000/- के गुणजों में न हो, उसे रु. 5000/- के अगले गुणज में पूर्णांकित कर लिया जाएगा। |
अवयस्क के मामले में जोखिम शुरू होना :
यदि प्रवेश के समय बीमित व्यक्ति की आयु 10 वर्ष या उससे कम हो तो जोखिम या तो पॉलिसी शुरू होने की तिथि से 2 वर्ष बाद शुरू होगा या पॉलिसी की उस वर्षगाँठ से जो आयु के 7 वर्ष पूरे होने वाले दिन या उसके तत्काल बाद पड़े, जो भी बाद में हो। यदि प्रवेश के समय आयु 10 वर्ष से अधिक हो लेकिन 12 वर्ष से कम हो तो जोखिम पॉलिसी की उस वर्षगाँठ से शुरू होगा जो बीमित व्यक्ति के 12वें जन्मदिन वाले दिन या उसके तत्काल बाद पड़े। अवयस्क की आयु 12 वर्ष या अधिक होने की स्थिति में जोखिम तत्काल शुरू हो जाएगा।
निधियों का निवेश :
यूनिट खरीदने के लिए आबंटित प्रीमियमों का निवेश विभिन्न प्रकार की निधियों में निर्दिष्ट निवेश पैटर्न के अनुसार ही लिया जाएगा। विभिन्न प्रकार की निधियाँ और उनका निवेश पैटर्न नीचे लिखे अनुसार होगा :
| निधि का प्रकार |
सरकारी/सरकार द्वारा गारंटित प्रतिभूतियों/ निगमित ऋण में निवेश |
अल्पावधि निवेश यथा मुद्रा बाजार दस्तावेज (सरकारी प्रतिभूतियों और निगमित ऋण सहित) |
सूचीगत इक्विटी शेयरों में निवेश |
जोखिम/प्रतिफल के लिए निधि का ब्योरा और उद्देश्य |
| बॉन्ड निधि |
60 % से कम नहीं |
100 % |
शून्य |
कम जोखिम |
| रक्षित निधि |
45 % से कम नहीं |
85 % से अधिक नहीं |
15 % से कम नहीं और 55 % से अधिक नहीं |
स्थिर आय कम से मध्यम जोखिम |
| संतुलित निधि |
30 % से कम नहीं |
70 % से अधिक नहीं |
30 % से कम नहीं और 70 % से अधिक नहीं |
संतुलित आय और वृद्धि-मध्यम जोखिम |
| वृद्धि निधि |
20 % से कम नहीं |
60 % से अधिक नहीं |
40 % से कम नहीं और 80 % से अधिक नहीं |
दीर्घकालीन पूँजी वृद्धि- अधिक जोखिम |
पॉलिसीधारक को विकल्प है कि उपर्युक्त 4 निधियों में से कोई एक चुन ले।
यूनिट की कीमत की गणना की विधि :
यूनिटों का आबंटन संबंधित निधि के उस निवल परिसंपत्ति मूल्य (एनएवी) के आधार पर किया जाएगा जो आबंटन की तिथि को हो। यूनिटों की बिड कीमत और ऑफर कीमत में कोई अंतर नहीं होगा (दोनों ही एनएवी के बराबर होंगी)। एनएवी की गणना दैनिक आधार पर की जाएगी और यह निवेश निष्पादकता, निधि प्रबंधन प्रभार तथा इस बात पर आधारित होगा कि हर प्रकार की निधि के अंतर्गत निधि का प्रसार हो रहा है या संकुचन और इसकी गणना नीचे लिखे अनुसार की जाएगी।
विनियोग कीमत लागू की जाती है (जब निधि का प्रसार हो रहा हो):
निधि में पड़े निवेशों का बाजार मूल्य धन परिसंपत्तियों के क्रय में किया गया खर्चा धन किन्हीं चालू परिसंपत्तियों का मूल्य धन कोई प्रोद्भूत आय, निधि प्रबंधन प्रभार निकालकर ऋण किन्हीं चालू देयताओं का मूल्य ऋण प्रावधान, यदि कोई हों, मूल्यन की तिथि को विद्यमान यूनिटों की संख्या से भाग करके (कोई नए यूनिट आबंटित करने से पहले)।
स्वत्वहरण कीमत लागू की जाती है (जब निधि का संकुचन हो रहा हो) :
निधि में पड़े निवशों का बाजार मूल्य परिसंपत्तियों की बिक्री में किए गए खर्चे को निकालकर धन किन्हीं चालू परिसंपत्तियों का मूल्य धन कोई प्रोद्भूत आय, निधि प्रबंधन प्रभार घटाकर ऋण किन्हीं चालू देयताओं का मूल्य ऋण प्रावधान, यदि कोई हों, को मूल्यन की तिथि को विद्यमान यूनिटों की संख्या से भाग करके ( कोई यूनिट विमोचित करने से पहले)।
निवल परिसंपत्ति मूल्य (एनएवी) लागू होना :
ई.सी.एस. या स्थानीय चेक या उस स्थान पर सममूल्य पर देय डिमांड ड्राफ्ट के साथ जहाँ प्रीमियम प्राप्त किया जाता है, निगम की सेवा शाखा द्वारा एक विनिर्दिष्ट समय तक (संप्रति आईआरडीए के दिशानिर्देशों के अनुसार 3.00 बजे अपराह्न) प्राप्त प्रीमियमों के लिए उस दिन का अंतिम एनएवी लागू होगा जिस दिन प्रीमियम प्राप्त हो। ई.सी.एस. या स्थानीय चेक या उस स्थान पर सममूल्य पर देय डिमांड ड्राफ्ट के साथ जहाँ प्रीमियम प्राप्त किया जाता है, निगम की सेवा शाखा द्वारा उस समय के बाद प्राप्त प्रीमियमों के लिए अगले कार्य दिवस का अंतिम एनएवी लागू होगा।
इसी प्रकार, निगम की सेवा शाखा द्वारा अभ्यर्पण, आंशिक प्रत्याहरण, मृत्यु दावे, स्विच आदि के लिए उस समय तक प्राप्त वैध आवेदनों के संबंध में उस दिन का अंतिम एनएवी लागू होगा। निगम की सेवा शाखा द्वारा अभ्यर्पण, आंशिक प्रत्याहरण, मृत्यु दावे, स्विच आदि के संबंध में उस समय के बाद प्राप्त वैध आवेदनों के लिए अगले कार्य दिवस का अंतिम एनएवी लागू होगा।
परिपक्पवता दावे के संबंध में, परिपक्वता की तिथि वाला एनएवी लागू होगा।
दिए गए समय वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार हैं और आईआरडीए से अनुदेशों के अनुसार उनमें परिवर्तन कर दिए जाएँगे।
7. प्लान के अंतर्गत प्रभार : क) प्रीमियम आबंटन प्रभार : यह प्रीमियम का वह प्रतिशत है जो प्राप्त प्रीमियम से प्रभारों के लिए विनियोजित किया जाता है। शेष को आबंटन दर कहते हैं और वह प्रीमियम का वह अंश होता है जिसका उपयोग पॉलिसी के लिए यूनिट खरीदने (निवेश करने) के लिए किया जाता है। आबंटन प्रभार नीचे लिखे अनुसार हैं-
एकल प्रीमियम पॉलिसियाँ
| प्रीमियम बैंड (प्रति वर्ष) |
आबंटन प्रभार |
| 4, 00, 000/- |
5.00 % |
| 4, 00, 001/- और अधिक |
5.00 % |
प्रीमियम भुगतान की सीमित अवधिवाली पॉलिसियाँ
प्रीमियम भुगतान की अवधि- 3 या 4 वर्ष :
| प्रीमियम बैंड (प्रति वर्ष) (रु.) |
आबंटन प्रभार |
| पहला वर्ष |
उसके बाद |
| 10,000/- से 1,50,000 |
10.50 % |
2.50 % |
| 1,50, 001/- से 3,00,000 |
10.00% |
2.50 % |
| 3,00, 001/- से 4,50,000 |
9.50% |
2.50 % |
| 4,50, 001/- और अधिक |
9.00% |
2.50 % |
प्रीमियम भुगतान की अवधि – 5 वर्ष :
| प्रीमियम बैंड (प्रति वर्ष) (रु.) |
आबंटन प्रभार |
| पहला वर्ष |
उसके बाद |
| 10,000/- से 1,50,000 |
24.00 % |
4.00% |
| 1,50, 001/- से 3,00,000 |
23.50% |
4.00 % |
| 3,00, 001/- से 4,50,000 |
23.00% |
4.00 % |
| 4,50, 001/- और अधिक |
22.50% |
4.00 % |
जोखिम के लिए बीमा प्रभार :
1) मर्त्यता प्रभार : यह जीवन बीमा उपलब्ध कराने की लागत है यह आयु-विशिष्ट होती है और हर महीने ली जाएगी। जीवन बीमा मूल प्लान के अंतर्गत बीमा राशि और निधि मूल्य के बीच का अंतर होगा; अन्य सभी प्रभार काटने के बाद।
स्वस्थ व्यक्ति के संबंध में कुछ आयुओं के लिए प्रति रु. 1000/- बीमा राशि के लिए प्रभार नीचे लिखे अनुसार हैं
| आयु |
25 |
35रु. |
45 |
55 |
| |
1.42 |
1.73 |
3.89 |
10. 76 |
2) गंभीर बीमारी हितलाभ प्रभार -यह गंभीर बीमारी हितलाभ राइडर की लागत है ( यदि विकल्प लिया गया हो) । यह आयुविशिष्ट होते हैं तथा हर महीने लिए जाएँगे। स्वस्थ व्यक्ति के संबंध में कुछ आयुओं के लिए गंभीर हितलाभ राइडर प्रति रु. 1000/- बीमा राशि के लिए प्रभार नीचे लिखे अनुसार है :
| आयु |
25 |
35 |
45 |
55 |
| रु |
0.91 |
1.80 |
5.31 |
14.44 |
3) दुर्घटना हितलाभ प्रभार - `यह दुर्घटना हितलाभ राइडर की लागत है (यदि विकल्प दिया गया हो) और पॉलिसी हर वर्ष के लिए रु. 0.50 प्रति हजार दुर्घटना हितलाभ बीमा राशि की दर से हर महीने लगाया जाएगा।
ग) अन्य प्रभार :
1) पॉलिसी प्रशासन प्रभार- पॉलिसी के पहले वर्ष के दौरान रु. 60/- प्रति माह और उसके बाद पॉलिसी की सारी अवधि के दौरान रु. 20/- प्रति माह।
2) निधि प्रबंधन प्रभार– यह प्रभार यूनिटों के मूल्य के प्रतिशत के रूप में लगाया जाता है और निम्नलिखित दरों से एनएवी को समायोजित करके लगाया जाएगा :
‘’बॉन्ड’’ निधि के लिए यूनिट निधि का 0.75 % प्र.व.
’’रक्षित’’ निधि के लिए यूनिट का 1.00 % प्र.व.
‘’संतुलित’’ निधि के लिए यूनिट निधि का 1.25 % प्र.व
’’वृद्धि’’ निधि के लिए यूनिट निधि का 1.50 % प्र.व.
स्विचिंग प्रभार- यह प्रभार धनराशि को एक निधि से दूसरी निधि में अंतरित करने के लिए लगाया जाता है। एक पॉलिसी वर्ष के दौरान 4 स्विच नि:शुल्क करने की अनुमति दी जाएगी। उसी वर्ष में उसके बाद के स्विचों पर रु. 100/- प्रति स्विच का स्विचिंग प्रभार िलया जाएगा।
4) बिड/ ऑफर में अंतर- - शून्य
5) अभ्यर्पण प्रभार- शून्य
6) सेवा कर प्रभार– मर्त्यता प्रभार, दुर्घटना हितलाभ और गंभीर बीमारी हितलाभ राइडर प्रभारों पर, यदि कोई हो, मासिक आधार पर सेवा कर प्रभार लगाया जाएगा। इस प्रभार का स्तर समय-समय पर लागू होने वाली सेवा कर की दर के अनुसार होगा। संप्रति, सेवा कर की दर 12% है और उस 3% की दर से शिक्षा उपकर, अत: प्रभावी दर 12.36 % है।
7) विविध प्रभार- यह प्रभार संविदा के भीतर किसी परिवर्तन पर लगाया जाता है, यथा पॉलिसी की अवधि को घटाना, प्रीमियम के भुगतान की विधि को परिवर्तन करना आदि। परिवर्तन की अनुमति के लिए रु. 50/- का प्रभार लिया जाएगा।
घ) प्रभारों में संशोधन का अधिकार : निगम ने उपर्युक्त सभी या किसी भी प्रभार को संशोधित करने का अधिकार सुरक्षित रखा है, प्रीमियम आबंटन प्रभार और मर्त्यता प्रभार को छोड़कर। प्रभारों में संशोधन भविष्यलक्षी प्रभाव से आईआरडीए के पूर्व अनुमोदन से किया जाएगा।
प्रभारों पर पुनर्विचार तो किया जा सकता है किंतु वे निम्नलिखित अधिकतम सीमा के अधीन होंगे :
- पॉलिसी प्रशासन प्रभार पहले पॉलिसी वर्ष के दौरान रु. 150/- प्रति माह और उसके बाद पॉलिसी की सारी अवधि के दौरान रु. 50/- प्रति माह।
- निधि प्रबंधन प्रभार : हर निधि के लिए अधिकतम नीचे लिखे अनुसार होगा :
1) बॉन्ड निधि : यूनिट निधि का 1.5% प्रति वर्ष
2) रक्षित निधि : यूनिट निधि का 2 % प्रति वर्ष
3) संतुलित निधि : यूनिट निधि का 2.5% प्रति वर्ष
4) वृद्धि निधि : यूनिट निधि का 3.0% प्रति वर्ष
गंभीर बीमारी हितलाभ प्रभार वर्तमान दर के 200% से ज्यादा नहीं होंगे।
- स्विचिंग प्रभार रु. 200/- प्रति स्विच से अधिक नहीं होंगे।
- विविध प्रभार परिवर्तन के हर अनुरोध के लिए रु. 100/- से अधिक नहीं होंगे।
2. अभ्यर्पण :
अभ्यर्पण मूल्य, यदि कोई हो, पॉलिसी की तीसरी वर्षगाँठ पूरी हो जाने के बाद ही देय होता है। अभ्यर्पण मूल्य की तिथि को पॉलिसीधारक का निधि मूल्य होगा। कोई अभ्यर्पण प्रभार नहीं लिया जाएगा।
यदि पॉलिसी शुरु होने की तिथि से 3 वर्ष के भीतर पॉलिसी के अभ्यर्पण के लिए आवेदन करें तो यूनिटों के पॉलिसीधारक के निधि मूल्य को मौद्रिक रूप में परिवर्तित कर दिया जाएगा। उसके बाद कोई प्रभार नहीं लगाया जाएगा और पॉलिसी शुरू होने की तिथि से 3 वर्ष पूरे हो जाने पर इस मौद्रिक मूल्य का भुगतान कर दिया जाएगा।
यदि अभ्यर्पण की तिथि के बाद किंतु पॉलिसी शुरु होने की तिथि से 3 वर्ष पूरे होने से पहले बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो 3 वर्ष पूरे होने पर देय मौद्रिक मूल्य, मृत्यु पर, नामिती/कानूनी वारिस को तत्काल देय हो जाएगा।
अनिवार्य अभ्यर्पण :
और, निम्नलिखित मामलों में पॉलिसी को अनिवार्यत: अभ्यार्पित कर दी जाएगी।
यदि पुनर्चलन की अवधि के दौरान पॉलिसी को फिर से चालू न किया जाए तो पॉलिसी को पॉलिसी शुरु होने की तिथि से 3 वर्ष पूरे होने के बाद या पुनर्चलन की अवधि समाप्त होने पर, जो भी बाद में हो, तो पॉलिसी समाप्त कर दी जाएगी। परंतु, यदि परिपक्वता की तिथि पुनर्चलन की अवधि समाप्त होने से पहले पड़ती हो तो पॉलिसी परिपक्वता की तिथि को समाप्त कर दी जाएगी।
2) यदि 3 से कम वर्षों के लिए प्रीमियमों का भुगतान किया गया हो और पॉलिसीधारक के निधि मूल्य में शेष तत्संबंधी प्रभारों की वसूली के लिए पर्याप्त न हो।
3) यदि कम से कम 3 वर्षों के लिए प्रीमियमों का भुगतान कर दिया गया हो और पॉलिसीधारक के निधि मूल्य में शेष, रु. 5000/-से कम रह जाए।
मौद्रिक रुप से परिवर्तन नीचे लिखे अनुसार होगा :
अभ्यर्पण के लिए आवेदन की तिथि को या, पुनर्चलन की अवधि समाप्त होने की तिथि को (अनिवार्य अभ्यर्पण के मामले में) यथास्थिति, एनएवी को उस दिन पॉलिसीधारक की निधि में यूनिटों की संख्या से गुणा किया जाएगा।
8) अन्य विशेषताएँ :
1) आंशिक प्रत्याहरण : आप पॉलिसी की तीसरी वर्षगाँठ के बाद, निम्नलिखित शर्तों के अधीन, यूनिटों को आंशिक रुप से भुना सकते हैं
अवयस्कों के मामले में, आंशिक प्रत्याहरण की अनुमति पॉलिसी की उस वर्षगाँठ से दी जाएगी जो उस तिथि को या उसके तत्काल बाद पड़े जिस तिथि को बीमित व्यक्ति वयस्कता प्राप्त करे (अर्थात 18वें जन्मदिन को या उसके बाद)।
2) आंशिक प्रत्याहरण नियत राशि के रुप में हो सकता है या यूनिटों की नियत संख्या के रूप में।
3) प्रत्याहरण की तिथि से 2 वर्ष की अवधि तक, मूल प्लान के अंतर्गत बीमा राशि उतनी कम कर दी जाएगी जितनी आंशिक प्रत्याहरण की राशि हो।
4) प्रीमियम भुगतान की सीमित अवधि जिन पॉलिसियों के लिए तीन वर्षों से कम के प्रीमियमों का भुगतान किया गया हो और बाद के प्रीमियम अदा न किए गए हों, उनके अंतर्गत आंशिक प्रत्याहरण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
5) प्रीमियम भुगतान की सीमित अवधि वाली जिन पॉलिसियों के लिए कम से कम 3 वर्षों के प्रीमियमों का भुगतान कर दिया गया हो, उनके अंतर्गत आंशिक प्रत्याहरण की अनुमति इस शर्त पर दी जाएगी कि पॉलिसीधारक का निधि मूल्य न्यूनतम रु. 10,000/- हो।
6) एकमुश्त प्रीमियम वाली पॉलिसियों के अंतर्गत आंशिक प्रत्याहरण की अनुमति इस शर्त पर दी जाएगी कि पॉलिसीधारक के निधि मूल्य में रु. 5000/- का न्यूनतम शेष बना रहे।
सिचिंग:
आप पॉलिसी की अवधि के दौरान स्विचिंग प्रभार देकर, यदि कोई हों, पूरे निधि मूल्य के लिए किसी भी प्रकार की निधि के बीच स्वीच कर सकते हैं।
प्रीमियम को बंद कर देना :
यदि प्रीमियम का वार्षिक, अर्द्धवार्षिक, त्रैमासिक या मासिक (ईसीएस) भुगतान किया जाना है और पॉलिसी के अंतर्गत रियायती दिनों के भीतर उनका विधिवत भुगतान न किया जाए तो पॉलिसी कालातीत हो जाएगी। किसी कालातीत पॉलिसी को पहले अदत्त प्रीमियम की देय तिथि से दो वर्ष की अवधि के भीतर फिर चालू कराया जा सकता है।
1) यदि कम-से-कम 3 वर्षों के प्रीमियमों का भुगतान कर दिया गया हो तो पुनर्चलन अवधि के दौरान जीवन बीमा और दुर्घटना हितलाभ और गंभीर बीमारी हितलाभ राइडर, यदि कोई हो, जारी रहेंगे।
इस अवधि के दौरान, मर्त्यता और दुर्घटना हितलाभ और/या गंभीर बीमारी हितलाभ सुरक्षा के लिए प्रभार, यदि कोई हो, अन्य प्रभारों के अतिरिक्त, पॉलिसीधारक के निधि मूल्य से यूनिटों की उपयुक्त संख्या रद्द करके हर महीने ले लिए जाएँगे। यह संबंधित जोखिम की सुरक्षा उपलब्ध कराता रहेगा :
1. पहले अदत्त प्रीमियम की देय तिथि से दो वर्ष तक, या
2. परिपक्वता की तिथि तक, या
3. उस अवधि तक जब पॉलिसीधारक का निधि मूल्य घटकर रु. 5000/- रह जाए, जो भी पहले हो।
इस अवधि के दौरान विभिन्न परिस्थितियों में पॉलिसी के अंतर्गत देय हितलाभ नीचे लिखे अनुसार होंगे :
क. मृत्यु की स्थिति में:
आधार तालिका के अंतर्गत बीमा राशि या पॉलिसीधारक का निधि मूल्य, जो भी अधिक हो। बीमा राशि आंशिक प्रत्याहरणों के प्रावधानों के अधीन होगी, यदि कोई किए गए हों।
ख. दुर्घटना के कारण मृत्यु की स्थिति में :
उपर्युक्त ‘क’ के अंतर्गत राशि के अतिरिक्त दुर्घटना हितलाभ बीमा राशि, यदि दुर्घटना हितलाभ का विकल्प दिया गया हो।
ग. गंभीर बीमारी के दावे की स्थिति में :
गंभीर बीमारी राइडर बीमा राशि, यदि विकल्प दिया गया हो
घ. परिपक्वता पर :
पॉलिसीधारक का निधि मूल्य।
ड. अभ्यर्पण की स्थिति में (अनिवार्य अभ्यर्पण सहित) :
पॉलिसीधारक का निधि मूल्य। परंतु, अभ्यर्पण मूल्य का भुगतान पॉलिसी के तीन वर्ष पूरे हो जाने के बाद ही किया जाएगा।
च. आंशिक प्रत्याहरण की स्थिति में :
प्रत्याहरण की तिधि से दो वर्ष की अवधि तक, मूल प्लान के अंतर्गत बीमा राशि उतनी कम कर दी जाएगी, जितनी आंशिक प्रत्याहरण की राशि हो। 2) यदि कम-से-कम 3 वर्षों के प्रीमियमों का भुगतान किए बिना पॉलिसी कालातीत हो जाए तो जीवन बीमा, दुर्घटना हितलाभ और/या गंभीर बीमारी हितलाभ राइडर सुरक्षा, यदि कोई हो, समाप्त हो जाएगी और इन हितलाभों के लिए कोई प्रभार नहीं काटे जाएँगे। किंतु अन्य सभी प्रभारों की कटौती जारी रहेगी। ऐसी कालातीत पॉलिसी के अंतर्गत हितलाभ नीचे लिखे अनुसार देय होंगे :
छ. मृत्यु की स्थिति में :
पॉलिसीधारक का निधि मूल्य।
ज. दुर्घटना के कारण मृत्यु की स्थिति में :
केवल उपर्युक्त ‘’छ’’ के अंतर्गत राशि।
झ. गंभीर बीमारी के दावे की स्थिति में :
कुछ नहीं।
ञ. अभ्यर्पण की स्थिति में (अनिवार्य अभ्यर्पण सहित) : पॉलिसी की तीसरी वर्षगाँठ पूरी हो जाने के बाद, यथास्थिति, पॉलिसीधारक का निधि मूल्य/मौद्रिक मूल्य देय होगा। पॉलिसी के शुरु होने की तिथि से 3 वर्ष के भीतर कोई राशि देय नहीं होगी।
ट. आंशिक प्रत्याहरण की स्थिति में :
ऐसी पॉलिसी के अंतर्गत 3 वर्ष की अवधि पूरी हो जाने के बाद भी आंशिक प्रत्याहरण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
3) पुनर्चलन :
यदि देय प्रीमियम का भुगतान रियायती दिनों के भीतर न किया जाए, तो पॉलिसी कालातीत हो जाती है। कालातीत पॉलिसी को पहले अदत्त प्रीमियम की देय तिधि से दो वर्ष की अवधि के दौरान या परिपक्वता से पूर्व, जो भी पहले हो, फिर चालू कराया जा सकता है। जिस अवधि के दौरान पॉलिसी का पुनर्चलन किया जा सकता है, उसे ‘’पुनर्चलन अवधि’’ कहा जाएगा।
यदि कम से कम 3 वर्षों के प्रीमियमों का भुगतान न किया गया हो तो पहले अदत्त प्रीमियम की देय तिथि से दो वर्ष के भीतर पॉलिसी को फिर चालू कराया जा सकता है। पुनर्चलन के लिए सतत बीमा योग्यता का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा जिससे निगम संतुष्ट हो और प्रीमियम की सारी बकाया राशि का भुगतान बिना ब्याज के करना होगा।
यदि कम से कम तीन पूरे वर्षों के प्रीमियमों का भुगतान कर दिया गया हो और परवर्ती प्रीमियमों का भुगतान न किया गया हो तो पहले अदत्त प्रीमियम की देय तिथि से दो वर्ष के भीतर किंतु परिपक्वता की तिथि से पूर्व, पॉलिसी को फिर चालू कराया जा सकता है। सतत बीमा-योग्यता के प्रमाण की जरूरत नहीं होगी लेकिन प्रीमियम की सारी बकाया राशि का भुगतान बिना ब्याज के करना होगा।
निगम ने स्वयं अपनी शर्तों पर पुनर्चलन को स्वीकार करने या किसी कालातीत पॉलिसी के पुनर्चलन से इनकार कर देने का अधिकार सुरक्षित रखा है। किसी कालातीत पॉलिसी का पुनर्चलन तभी प्रभावी होगा जब वह निगम द्वारा अनुमोदित हो जाए और प्रस्तावक/बीमित व्यक्ति को स्पष्ट तौर पर लिखित रूप से सूचित कर दिया जाए।
ऊपर कुछ भी लिखा होने के बावजूद, यदि 3 से कम वर्षों के प्रीमियमों का भुगतान किया गया हो और पॉलिसीधारक का निधि मूल्य प्रभारों की वसूली के लिए पर्याप्त न हो तो पॉलिसी समाप्त कर दी जाएगी और उसके बाद पुनचर्लन पर विचार नहीं किया जाएगा। यदि 3 वर्षों या 3 से अधिक वर्षों के प्रीमियमों का भुगतान कर दिया गया हो और पॉलिसीधारक का निधि मूल्य घटाकर रु. 5000/- रह जाए, तो पॉलिसी समाप्त हो जाएगी और उस तिथि को पॉलिसीधारक का निधि मूल्य बीमित व्यक्ति को लौटा दिया जाएगा और उसके बाद पुनर्चलन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
4) भुगतान का विकल्प :
जब पॉलिसी की परिपक्वता होने वाली हो, तब आप ‘’भुगतान विकल्प’’ दे सकते हैं और पॉलिसी की धनराशि किस्तों में ले सकते हैं जो परिपक्वता की तिथि से अधिकतम पाँच वर्षों की अवधि में फैली होगी। इस अवधि के दौरान कोई जीवन बीमा नहीं होगा। विनिर्दिष्ट तिथि को देय किस्त का मूल्य निवेश जोखिम के अधीन होगा, अर्थात् निधि की निष्पादकता के आधार पर एनएवी घट या बढ़ सकता है।
पुन:स्थापन :
एक बार अभ्यर्पित की गई पॉलिसी को पुन: स्थापित नहीं किया जा सकता ।
जोखिम पॉलिसीधारक द्वारा वहन किए जाते हैं :
एलआईसी की प्रॉफिट प्लस एक यूनिट संबद्ध जीवन बीमा उत्पाद है जो पारंपारिक बीमा उत्पादों से भिन्न हो और जोखिम के तत्त्वों के अधीन है।
यूनिट संबंद्ध जीवन बीमा पॉलिसियों में दिया गया प्रीमियम पूँजी बाजार के साथ जुड़े हुए निवेश जोखिमों के अधीन होता है और निधि की निष्पादकता और पूँजी बाजार को प्रभावित करने वाले कारकों के आधार पर यूनिटों का एनएवी घट या बढ़ सकता है और अपने निर्णय के लिए बीमित व्यक्ति स्वयं उत्तरदायी होता है।
भारतीय जीवन बीमा निगम केवल बीमा कंपनी का नाम है और एलआईसी की प्रॉफिट प्लस केवल यूनिट संबद्ध बीमा संविदा का नाम है और यह किसी भी प्रकार से संविदा की गुणता, उसकी भावी संभावनाओं या प्रतिफलों का द्योतक नहीं है।
कृपया संबंधित जोखिमों तथा लागू होने वाले प्रभारों के बारे में जानकारी अपने बीमा एजेंट से या बिचौलिए से या बीमाकर्ता के पॉलिसी प्रलेख से प्राप्त कर लें।
इस संविदा के अंतर्गत प्रस्तुत विभिन्न निधियाँ केवल निधियों के नाम हैं और किसी भी प्रकार से इन तालिकाओं की गुणता, भविष्य की संभावनाओं तथा प्रतिफलों का द्योतक नहीं हैं पॉलिसी के अंतर्गत सभी हितलाभ कर नियमों और अन्य वित्तीय विधानों के भी अधीन हैं जो समय-समय पर लागू हों।
पॉलिसी के अंतर्गत सभी हितलाभ कर नियमों और अन्य वित्तीय विधानों के भी अधीन हैं जो समय-समय पर लागू हों।
कूलिंग ऑफ अवधि :
यदि आप पॉलिसी के ‘’निबंधनों तथा शर्तों’’ से संतुष्ट न हों तो आप 15 दिन के भीतर पॉलिसी हमें लौटा सकते हैं।
ऋण :
इस प्लान के अंतर्गत कोई ऋण उपलब्ध नहीं होगा।।
समनुदेशन :
इस तालिका के अंतर्गत समनुदेशन की अनुमति होगी।
निषेधक :
यदि बीमित व्यक्ति एक वर्ष के भीतर किसी भी समय आत्महत्या कर ले तो निगम पॉलिसी के आधार पर किसी दावे पर विचार नहीं करेगा, सिवाय मृत्यु के समय पॉलिसीधारक के निधि मूल्य में पड़े यूनिटों के निधि मूल्य के।
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