‘’जब भी हो हेल्थ इंश्योरेंस की बात मेरा भरोसा सिर्फ एलआईसी के साथ’’ आपके एवं आपके परिवार के लिए यूनिट संबद्ध दीर्घावधि स्वास्थ्य बीमा योजना एल.आई.सी.की हेल्थ प्लस यूनिट संबद्ध स्वास्थ्य बीमा योजना (ता.क्र.901) ‘इस पॉलिसी के निवेश पोर्टफोलियो में निवेश जोखिम पॉलिसीधारक द्वारा वहन किए जाते हैं।‘’ आजकल प्रत्येक व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग है। किसी बीमारी पर अस्पताल में भर्ती होने अथवा शल्यक्रिया (सर्जरी) की स्थिति में आसमान को छूती चिकित्सा व्यय की राशि किसी भी परिवार के लिए चिंता का विषय हो सकती है बशर्ते ऐसी संभावित स्थिति का सामना करने के लिए उन्होंने पहले से ही विशेष धनराशि की व्यवस्था कर के रखी हो। अधिकांश परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा के संबंध में कुछ विशेष प्रावधान नहीं करते और यदि करते भी हैं तो सामान्यत: वह ऐसी आपातस्थिति के लिए पर्याप्त नहीं होता।
ऐसे परिदृश्य को देखते हुए एल.आई.सी.ने हेल्थ प्लस योजना आरंभ की है जो एक असाधारण दीर्घावधि स्वास्थ्य योजना है जो पूरे परिवार (पति, पत्नी तथा बच्चों) के लिए अस्पताल नकद हितलाभ (एच.सी.बी.) तथा वृहत् शल्यक्रिया हितलाभ (एम.एस.बी.) तथा यूलिप घटक (यूनिटों के रूप में निवेश) के सम्मिश्रण से इस प्रकार बनाई गई है कि वह बीमित सदस्यों के आवासीय चिकित्सा संबंधी (डी.टी.बी.) खर्चों को पूरा कर सके।
1. अनिवार्य सूचना
| 1. आयु |
प्रमुख बीमित व्यक्ति |
बीमित पति/पत्नी |
बीमित बच्चा |
| न्यूनतम पॉलिसी
प्रवेश आयु - पिछले जन्मदिन पर आयु |
18 |
18 |
3 माह |
| न्यूनतम आयु – अ. न. हि. |
18 |
18 |
3 माह |
| न्यूनतम आयु – वृ.श.हि. (एम.एस.बी.) सुरक्षा
- पिछले जन्मदिन पर आयु |
18 |
18 |
18 |
| अधिकतम प्रवेश आयु
निकटतम जन्मदिन पर आयु |
55 |
55 |
17 |
2. प्रीमियम भुगतान
| भुगतान पद्धति |
वार्षिक, अर्द्धवार्षिक तथा मासिक (केवल ई.सी.एस.पद्धति द्वारा) |
| न्यूनतम वार्षिक प्रीमियम शर्तें |
| बीमित जीवनों की संख्या |
प्रत्येक वर्ग में नीचे दिए गए दो विकल्पों में से अधिकतम वाला विकल्प |
| एकल जीवन |
प्रमुख बीमित व्यक्ति के अ.न.हि.(एच.सी.बी.) का छ.: गुणा अथवा प्रतिवर्ष 5000/- |
| द्वय जीवन |
प्रमुख बीमित व्यक्ति के अ.न.हि. (एच.सी.बी.) का तीन गुणा अथवा प्रति वर्ष रु. 7500/- |
| दो जीवनों से अधिक |
प्रमुख बीमित व्यक्ति के अ.न.हि.(एच.सी.बी.) का छ.: गुणा तथा अन्य प्रत्येक बीमित व्यक्तियों के अ.न.हि. (एच.सी.बी.) का तीन गुणा अथवा प्रति वर्ष रु. 10,000/- |
| वार्षिक प्रीमियम रु. 500/- के गुणक में देय |
3. बीमा राशि : प्रमुख बीमित व्यक्ति को सर्वप्रथम पॉलिसी के अंतर्गत सुरक्षित प्रत्येक सदस्य के लिए अ.न.हि. (एच.सी.बी.) के विभिन्न स्तरों का चुनाव करना चाहिए।
| वृहत् शल्यक्रिया बीमा राशि |
प्रमुख बीमित व्यक्ति |
बीमित पति/पत्नी |
बीमित बच्चा |
| पॉलिसी के अंतर्गत बीमित प्रत्येक जीवन पर लागू अ.न.हि. (एच.सी.बी.) का 200 गुणा |
4. पॉलिसी की अवधि : पॉलिसी की अवधि उस पॉलिसी वर्षगाँठ तक है जब प्रमुख बीमित व्यक्ति की निकटतम जन्मदिन पर आयु 65 वर्ष हो।
| निकटतम जन्मदिन पर आयु |
प्रमुख बीमित व्यक्ति |
बीमित पति/पत्नी |
बीमित बच्चा |
| अधिकतम सुरक्षा समाप्त होने की आयु |
65 |
65 |
25 |
| प्रीमियम समाप्ति की आयु |
प्रमुख बीमित व्यक्ति के निकटतम जन्मदिन पर 65 वर्ष |
5. नए सदस्यों का संयोजन : यह बहुत महत्वपूर्ण है कि प्रमुख बीमित व्यक्ति (पॉलिसी लेने वाले माता-पिता) यह निर्णय लें कि परिवार के वर्तमान सदस्यों में से किसको इस योजना में बीमा सुरक्षा प्रदान करनी है तथा आरंभ (प्रस्ताव अवस्था) में ही उन्हें इसमें सम्मिलित कर लें। इसके उपरांत परिवार के वर्तमान सदस्यों को इसमें संयोजित नहीं किया जा सकता। परंतु निम्नलिखित तीन स्थितियों में नए सदस्यों को संयोजित किया जा सकता है।
| स्थिति |
कब संयोजित किया जाए |
जब सुरक्षा आरंभ होगी |
| पॉलिसी लेने के उपरांत प्रमुख बीमित व्यक्ति का विवाह/पुनर्विवाह |
विवाह की तिथि से एक वर्ष के भीतर |
अगली पॉलिसी वर्षगाँठ से |
| पॉलिसी लेने के तीन माह के उपरांत जन्मा अथवा वैधानिक रूप से गोद लिया बच्चा |
बच्चे की तीन माह की आयु होने के तुरंत बाद आने वाली पॉलिसी वर्षगाँठ से स्वास्थ्य सुरक्षा आरंभ |
| वैधानिक रूप से गोद लिया बच्चा तीन माह से अधिक की आयु का होने की स्थिति में |
गोद लिए जाने की तिथि के बाद आने वाली पॉलिसी वर्षगाँठ से |
• न्यूनतम प्रीमियम तथा हितलाभों की शर्तों को पूरा करने पर ही नए सदस्य बीमा सुरक्षा के पात्र होंगे। • प्रमुख बीमित व्यक्ति द्वारा ही नए सदस्यों के संयोजन की अनुमति दी जाएगी। प्रमुख बीमित व्यक्ति की मृत्यु के उपरांत किसी नए सदस्य को पॉलिसी में सम्मिलित नहीं किया जा सकता।
6. प्रीमियम में वृद्धि/घटत : पॉलिसी अवधि में प्रीमियम में वृद्धि अथवा घटत की अनुमति दी जाती है। प्रीमियम में वृद्धि 500 के गुणकों में होगी। घटत की स्थिति में न्यूनतम प्रीमियम शर्तों की पूर्ति होनी चाहिए। परंतु यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रीमियम में वृद्धि/घटत से स्वास्थ्य जोखिम सुरक्षा के स्तर तथा अ.न.हि. (एच.सी.बी.) तथा वृ.श.हि. (एस.एस.बी.) प्रभावित नहीं होते।
आपका स्वास्थ्य आपकी अमूल्य संपत्ति है : इसका पूरा ध्यान रखें |