निहित बोनस के साथ बीमित रकम मृत्यु हो
जाने ने पर एक मुश्य देय होती है.
अवधि के अंत तक जिदा रहने पर बीमित रकम
मय संचित बोनसो के एकमुश्य देय होती है.
उसके बाद मृत्यु होने पर अतिरिक्त बीमित
रकम देय होती है.
बीमित व्यक्ति की 70 साल की उम्र तक दुर्घटना
वश मृत्य हो जाने पर अतिरित्क बीमित रकम
( जो पांच लाख रूपये से ज्यादा नही हो सकती
) देय होती है. बीमित व्यक्ति के दुर्घटनावश
स्थायी रूप से विकलांग हो जाने पर देय अतिरित्क
बीमित रकम का भुगतान किस्तों में किया जाता
है.
ये वैकल्पिक लाभ है जो अतिरिक सुरक्षा /
विकल्प के रूप में आपकी मूल योजना में जोडे
जा सकते है. इन लाभों के लिए एक अतिरिक्त
प्रीमियम भरनी होती है.
जीवन बीमा अनुबंध खरीदना दीर्घ कालिक प्रतिबद्धता
होती है. बहरहाल , अनुबंध के समय से पहले
रद्द होने पर योजन के समर्पण मूल्य उपलब्ध
है.
तीन साल या उससे ज्यादा अवधि तक पॉलिसी
लागू रहने के बाद पॉलिसी समर्पित की जा
सकती है. जमानती समर्पण मूल्य पहले साल
भरी गयी प्रीमियमों और पहले ही दिये जा
चुके उअत्तरजीविता लाभों को छोड़ कर शेष
भरी गयी प्रीमियमों का 30% होता है. भरी
गयी अतिरिक्त प्रीमियम और दुर्घटनालाभ प्रीमियमों
की रकमे भी उसमें शामिल नही होती .
व्यावहारिक रुप से निगम एक विशेष समपर्ण
मूल्य देता है जो जमानती समर्पण मूल्य के
बराबर था उससे अधिक होता है . समर्पण पर
देय मूल्य दावे की घटी हुई रक्म होती है
जो मृत्यु या भुगतान तिथि पर देय होती है.
यह उस अवधि पर जिस दौरान प्रीमियमें भरी
गयी है और समर्पण के समय पॉलिसी की अवधि
पर निर्भर होता है. कुछ स्थितियों में ,
मसलन पॉलिसी के जल्दी बंद हो जाने पर देय
समर्पण मूल्य भरी गयी प्रीमियमों की कुल
रकम से कम होता है.
निगम समर्पण मूल्य की समय -
समय पर समीक्षा करेगा और आर्थिक परिवेश
, हमारे अनुभव और दूसरे कारकों के आधार
पर बदल सकता है.
टिप्पणी : उपर्युक्त व्यारे उत्पाद की
मुख्य विशेषताऐ वातने वाली समीक्षा है.
इनका उदेश्य योजना का परीचय देना - भर है.
ये अनुबंध का प्रतिनिधित्व नहीं करते .
विस्तूत जानकारी के लिए क्रुपया पालिसी
के दस्तावेज देखें.
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